musical dil
समझ में नहीं आ रहा क्या लिखूं। आज तक सिर्फ मौखिक बकवास करने का मौका मिला है। लिखित ये पहला अनुभव है।
''गोरी हैं कलाइयां तू ला दे मुझे हरी हरी चूड़ियां''
''कितनी बेचैन होके तुमसे मिली''
क्या यार आज मन में सिर्फ महिलायों वाले गाने क्यों आ रहे हैं?जैसे मैंने ladies संगीत में participate किया हो!
सब कुछ बढ़िया ना?
- बिलकुल..दिल, दिमाग, ये, वो, सभी अपनी जगह पे हैं। तो फिर ऐसे डरावने ख्याल/गाने क्यों आ रहे हैं..आज तक सुना था हर इंसान के दिल में एक बच्चा होता है।
पर आज पहली बार महसूस हुआ की दिल में बच्चे के साथ साथ उसकी अम्मी भी रहती हैं, और बच्चे बिना माँ के बिगड़ जाते हैं इसीलिए मैंने सोचा की बिना डरे हुए, बिना सहमे हुए दिल की guitar बजने दो।
वैसे भी मर्दों को जब इस तरह के जब विडियोs पसंद आते हैं तो फिर ऑडियोs क्यों नहीं?
--बाकी बकवास अगले अंक में !
lol.. :) mere khayal se that's one sweet khayal ! bachche ke saath saath ammi bhi...:) par mere khopdi main bachche ke saath hamesha ik doggy hotha hain. perhaps ammi main hi huun.. kisko pata?! aur likho bakwaas sir jee, there goes the first review!
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